ज़रा हटके
Breaking News

परिवार से बिछड़ी महिला की मुस्लिम दंपत्ति ने की 40 साल देखभाल

कुंभ के मेले में बिछड़े हुए भाइयों का प्रसंग आज एक मौसी के अपने बिछड़े गाँव से मिलने की बात को बयां करता है। करीब 40 साल पहले महाराष्ट्र से लापता हुई 93 वर्षीय महिला इंटरनेट की मदद से वापिस अपने परिवार से मिली। पंचुबाई नाम की यह महिला जब अपने गांव नागपुर पहुँची तो पुरे गांव ने इनका स्वागत किया।

घटना मध्यप्रदेश की है, जहां अपने परिवार से बिछडी एक महिला तकरीबन 40 साल बाद अपने लोगों तक पंहुची। इस लापता महिला को एक मुस्लिम परिवार ने ल केवल शरण दी बल्कि 40 साल तक उनकी देखबाल भी की। बता दें, इस महिला को वर्ष 1980 में नूर खान ने सड़क के किनारे भटकती हुई पंचुबाई को बुरी हालत में पाया तो उसे घर ले आये। वो बताते हैं कि महिला की हालत ऐसी थी कि वो सही से बोल भी नहीं पा रही थी और मधुमखियों ने उसे काटा हुआ था। आज उनके बेटे इसरार खान बताते हैं कि हमने इन्हें मौसी कहना शुरू कर दिया और ये 40 साल से हमारे साथ ही रह रही थी। कोई नहीं जानता की कैसे वो अपने महारष्ट्र से 400 किमी दूर दामोह गांव में पहुंची। 

इंटरनेट के ज़रिए खोजा परिवार

यूँ तो पहले भी इसरार उनसे उनके घर के बारे में पूछते थे लेकिन वो साफ़ तरह से बता नहीं पाती थी। इस बार लॉक डाउन में उन्होंने खंजमा नगर और परसापुर गांव का नाम लिया। पहले उन्होंने खंजमा नगर गूगल सर्च किया तो कोई जानकारी हाथ नही लगी। इसके बाद परसापुर सर्च करने पर गूगल पर एक नंबर मिला जिसमें WhatsApp के जरिये उन्होंने तस्वीरे भेजी और काम बन गया। 

परिवार से मिलकर पंचुबाई हुई प्रसन्न

जिसके बाद महराष्ट्र से उनका पौता अपनी गाड़ी लेकर दादी को लेने आया। पौते पृथ्वी कुमार ने इसरार खान और उनके परिवार का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि किसी अनजान को इतना प्यार और सेवा देना बहुत बड़ी बात है। इतना ही नहीं अपनी मौसी को विदा करते हुए गांव के लोगो ने उन्हें अच्छे से सजाया और दामोह से रुखसत करते हुए सभी गांव वालों की आँखे नम थीं।

यह अपने आप में एक अद्भुत कहानी है जिसमें एक मुस्लिम परिवार ने हिन्दू मौसी की इतनी अच्छे तरीके से देखभाल की। समाजसेवी डॉ अजय का कहना है कि ऐसे समय में इस तरह की न्यूज़ लोगों में आपसी प्रेम को बरकरार रखती हैं। यह अपने आप में एक मिसाल है, जिनकी हमारे समाज को जरूरत है।

अदिति शर्मा
Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button
Close
Close
%d bloggers like this: