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पेशेवर महान मुक्केबाज़ और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन मारविन हैग्लर का 66 वर्ष की आयु में निधन

अमेरिका के पेशेवर मुक्केबाज़ और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन मारविन हैग्लर का 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया। हैग्लर ने साल 1973 से 1987 तक मुक्केबाज़ी की। उन्होनें 1980 से 1987 तक निर्विवाद रूप से मिडिलवेट चैंपियन के रूप में शासन किया।

80 के दशक का वो महान मुक्केबाज जिसने अपने प्रतिद्वंदियों के दिल में सालों साल दहशत बनाए रखी। साथ ही जिसने मिडल वेस्ट में दूसरे सबसे लंबे अरसे तक अपने खिताब को बचाए रखने में कामयाबी पाई। बात हो रही है मार्वोलस मार्विन हेग्लर की। बीते दिनों हेगलर दुनिया को अलविदा कह गए लेकिन पीछे अपनी मुक्केबाजी की एक बड़ी विरासत छोड़ गए।

हेग्लेर का करियर

हेग्लर ने लगभग 14 साल तक बतौर पेशेवर मुक्केबाजी की। जिसमे उन्होंने 67 फाइट की। हेग्लर की महानता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 67 मैच में से 62 में कामयाबी हासिल की और 3 बार हार का सामना किया जबकि उनकी 2 फाइट ड्रा रही। हेग्लर के करियर की 62 जीत मे से उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को 52 बार नॉक आउट मुकाबले मे मात दी।

एक नजर उनके रिकार्ड्स पर

हेग्लर साल 1980 में मिडल वेट वर्ल्ड चैंपियन बने और उन्होंने लगभग 7 साल तक विश्व मुक्केबाजी पर बादशाहत की। इस दौरान वे 12 बार अपने इस खिताब को बचाने रिंग में उतरे और हर बार सफलता पाई। हेग्लर 6 साल 7 महीने वर्ल्ड चैंपियन रहे जो अब तक का दूसरा सबसे लंबे अरसे तक खिताब को बचाए रखने का रिकॉर्ड है। मार्विन ने अपनी आखरी फाइट साल 1987 में सुगर रे लियोनार्ड के साथ लड़ी थी। हालांकि ये मैच काफी विवादास्पथ रहा और नतीजन हेग्लर को अपने अंतिम मैच में हार का मुंह देखना पड़ा। हैग्लर को 80 के दशक में “फाइटर ऑफ द डेकेड” के एजाज़ से भी नवाज़ा गया। साथ ही वे साल 1983 और 85 में “फाइटर ऑफ द इयर” भी रहे।

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