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बिहार: बक्सर के गंगा घाट पर तैर रही लाशों से मचा हड़कंप, जानिए पूरा मामला

कोरोना महामारी के संकट के बीच बिहार के बक्सर जिले से दिल दहलाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। दर्जनों शव चौसा घाट पर तैरते मिलने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।

कोरोना महामारी के संकट के बीच बिहार के बक्सर जिले से दिल दहलाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। दर्जनों शव चौसा घाट पर तैरते मिलने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि ये लाशें उत्तर प्रदेश से बहकर यहां आईं हैं। गंगा घाट पर लाशों के अम्बार का वीडियो जब सामने आया तो जिला प्रशासन के कान खड़े हो गए। 

प्रशासन : ये लाशें बक्सर की नहीं हैं

चौसा के बीडीओ अशोक कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि 30-40 की संख्या में शव गंगा में मिले हैं। उन्होंने कहा कि संभावना है कि ये लाशें उत्तर प्रदेश से बहकर आईं हैं। उन्होंने साथ ही बताया कि हमने चौकीदार लगाया हुआ है, जिसकी निगरानी में लोग शव जला रहे हैं। तो ये शव यूपी से बहकर आ रहे हैं और यहां पर लग जा रहे हैं क्योंकि वहां से आ रही लाशों को रोकने का कोई उपाय नहीं है। बक्सर के अन्य अधिकारी केके उपाध्याय ने कहा, “वे फूली हुई हैं और कम से कम पांच से सात दिनों से पानी में हैं। हमें जांच करने की जरूरत है कि वे कहां से हैं, यूपी के किस शहर से हैं।”

बक्सर जिलाधिकारी अमन समीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि हम लोग गाजीपुर और बलिया के जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर रहे हैं ताकि उनके इलाके की लाशों का दाह संस्कार वही कर दिया जाए।

क्या है स्थानीय लोगों की राय?

स्थानीय लोग इस घटना को लेकर काफी डरे हुए हैं और उन्हें डर है कि कहीं उन्हें कोरोना इन्फेक्शन ना हो जाए। कुछ लोगों का कहना है कि शवों की संख्या करीब 150 है। एक ग्रामीण ने बताया कि शवों को दफनाना होगा। साथ ही बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारी ने उन्हें कहा है कि इन शवों को साफ करने के लिए 500 रुपये दिए जाएंगे। स्थानीय पत्रकारों ने प्रशासन की बात को ख़ारिज किया है। उनके मुताबिक, अभी गंगा के पानी में धार नहीं है और पुरवैया हवाएं चल रही हैं। क्योंकि ये पछिया का समय नहीं हैं तो ऐसे में लाश बहकर कैसे आ सकती हैं!

गंगा जी ही आसरा बची हैं- बक्सर के निवासी

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में लूट मची है। अब आदमी के पास इतना पैसा नहीं बचा की वो शमशान घाट पर जाकर पंडित पर पैसे लुटाए। हाल ऐसा है कि एम्बुलेंस से शव उतरने के लिए ही दो हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। ऐसे में गंगा जी ही आसरा बची हैं और इसलिए गांव के लोग गंगा में शव बहा रहे हैं। एक अन्य निवासी ने बताया की यहां कोरोना बहुत बुरी तरह से फ़ैल चुका है। रोजाना 100 से 200 लोग यहां आते हैं और लकड़ियां न होने के कारण लाशों को गंगा में फेंक देते हैं ।

बता दें, फिलहाल बक्सर जिले का प्रशासन घाट पर जेसीबी मशीन से गड्ढे खुदवाकर लाशों को दफनाने का काम कर रहा है।

बिहार कोरोना रिपोर्ट

फ़िलहाल बिहार में एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 1 लाख 10 हजार 804 है और रिकवरी रेट 80.71 फीसदी है। वहीं बक्सर जिले में 1216 एक्टिव केस हैं और 26 लोगों की मौत हुई है।

अदिति शर्मा

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