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ऑक्सीजन की कमी से मरने वाले लाखों मुर्दों की साजिश को सरकार ने किया बेनकाब!

कोरोना की दूसरी लहर के समय देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन की कमी के चलते कई लोगों की जान गई। अप्रैल-मई में मरीजों की मौत के मामले सामने आए जिसकी वजह थी ऑक्सीजन की कमी।

कोरोना की दूसरी लहर के समय देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन की कमी के चलते कई लोगों की जान गई। अप्रैल-मई में मरीजों की मौत के मामले सामने आए जिसकी वजह थी ऑक्सीजन की कमी। देश मे ऑक्सीजन की कमी के चलते जो हाहाकार मचा था वो देश के साथ विश्व ने भी देखा। मगर मंगलवार को जब सरकार से पूछा गया कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कितने लोगों की मौत हुई है, तो सरकार ने जवाब दिया- एक भी नहीं।

कैसी वेणुगोपाल ने किया था सवाल

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने संसद में पूछा- क्या यह सच है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की भारी कमी होने के कारण बड़ी संख्या में मरीजों की मौत हुई?

सरकार की तरफ से स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ भारती प्रवीण कुमार ने लिखित जवाब में कहा कि ‘स्वास्थ्य राज्यों का विषय है और उनकी ओर से कोरोना से हुई मौत की जानकारी दी जाती है लेकिन इसमें भी ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों की जानकारी नहीं है।’

अब केंद्र सरकार के इस बयान पर बखेड़ा खड़ा हो गया है। सरकार का यह बयान हैरान करने वाला है क्योंकि ऑक्सीजन की कमी से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गोवा , कर्नाटक और अन्य कई राज्यों में ऑक्सीजन सही समय से अस्पताल में न मिलने से कई लोगों की जान गईं थी।

कम से कम 195 लोगों की गई जान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान पांच राज्यों में से कम से कम 195 लोगों की जान केवल ऑक्सीजन की कमी से हुई थी। इनमे दिल्ली के बत्रा अस्पताल में 12, गोवा में 83, कर्नाटक में 36, आंध्रा प्रदेश में 45 और हरयाणा में 18 लोगों की अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन न होने के कारण जान गयी थी। इसके आलावा कई राज्यों में सही डेटा को छुपाया भी गया, जिसके चलते सही हिसाब लगा पाना जरा मुश्किल है।

विपक्ष का हमला

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार के इस बयान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि “मौत इसलिए हुई क्योंकि महामारी वाले साल में सरकार ने ऑक्सीजन निर्यात 700% तक बढ़ा दिया। साथ ही केन्द्र ने ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट करने वाले टैंकरों की व्यवस्था नहीं की। एंपावर्ड ग्रुप और संसदीय समिति की सलाह को नजरंदाज कर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का कोई इंतजाम नहीं किया और अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने में कोई सक्रियता नहीं दिखाई।”

शिवसेना ने इस मुद्दे पर केंद्र पर हमला बोला

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, “मेरे पास शब्द नहीं है। ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोने वाले इस बयान को सुनकर उनके परिवारों का क्या होगा? उन्होंने कहा कि सरकार झूठ बोल रही है और उनके खिलाफ मुकदमा होना चाहिए।

आम आदमी पार्टी ने कहा- ये सरासर झूठ है

आम आदमी पार्टी ने सरकार के इस बयान पर कहा कि वो संसद में इसे लेकर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी। साथ ही दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि टेलीविजन चैनलों और समाचार पत्र ने खबर दी कि कैसे अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी थी। उन्होंने सवाल किया कि अगर ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी तो अदालत में यह मामला क्यों गया? उन्होंने कहा कि यह कहना बिल्कुल झूठ है कि ऑक्सीजन की कमी के चलते किसी की जान नहीं गई। आगे उन्होंने कहा कि दिल्ली तथा कई अन्य स्थानों पर ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत हुई है और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

अदिति शर्मा 

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