कोरोना

डेल्टा वैरिएंट सबसे खतरनाक, अमरीका समेत पूरी दुनिया इससे बचे – US टॉप इंस्टिट्यूट

अमरीका के सर्वोच्च मेडिकल संस्थान सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने कहा फिलहाल कोरोना वायरस का सबसे खतरनाक वैरिएंट डेल्टा है, जो तेजी से फैल रहा है।

अमरीका के सर्वोच्च मेडिकल संस्थान सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने कहा फिलहाल कोरोना वायरस का सबसे खतरनाक वैरिएंट डेल्टा है, जो तेजी से फैल रहा है। पिछले दिनों अमरीका में आए कोविड-19 के पॉजिटिव मामलों में से आधे डेल्टा वैरिएंट के हैं। अमरीका के कुछ अभी भी वैक्सीनेशन का काम इतना तेजी से नहीं हो रहा है जिसके चलते अमरीकी सरकार चिंता में हैं। साथ ही अभी बच्चों को भी वैक्सीन नहीं लगी है।

भारत में अक्टूबर में दर्ज हुआ था डेल्टा वैरिएंट का पहला केस

पिछले साल अक्टूबर में डेल्टा वैरिएंट का पहला केस भारत में दर्ज किया गया था। डेल्टा वैरिएंट यानिकि B.1.617.2 के नाम से जाना जाता है। फ़िलहाल अमरीका में जितने भी कोरोना के मामले हैं उनमें से 51.7 फीसदी केस डेल्टा वैरिएंट के हैं। दूसरा वैरिएंट जिसे अल्फा वैरिएंट या B.1.1.7 के नाम से जाना जाता है, इसे पहली बार यूके में दर्ज किया गया था। अब इसके भी अमरीका में 28.7 फीसदी मामले हैं।

सीडीसी का कहना है कि डेल्टा वैरिएंट बहुत तेजी से अमरीका में फैला और अब यह देश और दुनिया के सबसे प्रमुख वैरिएंट में से एक है। इसके अलावा अमरीका जैसे देश जहां पर सबसे ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई गई है, वहां डेल्टा वैरिएंट ने उन लोगों को अपना शिकार बनाया, जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई थी। ज्यादातर संक्रमित होने वाले युवा और बच्चे हैं।

वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ है प्रभावी

बताते चलें कॉरोनारोधी वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ भी असरदार है और इसको लगाने से लोग गंभीर रूप से बीमार नहीं हो रहे हैं। साथ ही वैक्सीन लगवाने से अस्पताल तक मामला जाए इसके आसार भी काफी कम हो गए हैं। मगर यह स्ट्रेन इतना खतरनाक है कि जिन्हें वैक्सीन लगी है उन्हें भी अपनी चपेट में ले रहा है। जिस कारण ऑस्ट्रेलिया, इजरायल, यूके और कई यूरोपीय देशों में फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ा। यही वजह है अमरीका में भी डर का माहौल है।

वुहान वायरस से 50 फीसदी ज्यादा संक्रामक

आपको बता दें कि डेल्टा वैरिएंट वुहान से निकले कोरोना वैरिएंट से ज्यादा संक्रामक है। यही कारण है कि लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। यूके में हुई एक स्टडी के मुताबिक तेजी से वैक्सीनेशन करने से लोग इसके प्रभाव से बच सकते हैं। मगर वैक्सीनेशन ही सबकुछ नहीं है लोगों को इसके बाद भी सावधानी बरतनी होगी और मास्क को लगाना होगा।

अदिति शर्मा 

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