ज़रा हटके
Breaking News

सबसे फ़ास्ट कैलकुलेटर मैन नीलकंठ ने किया भारत का नाम रोशन

नीलकंठ भानु प्रकाश आज सबसे तेज मानव कैलकुलेटरके नाम से खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। आज उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सबसे तेज मानव कैलकुलेटर की प्रशंसा की। जिन्होंने हाल ही में लंदन में आयोजित माइंड स्पोर्ट्स ओलंपियाड में मानसिक गणना विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार स्वर्ण पदक जीता है।

नीलकंठ ने अपने इस कारनामे से भारत को गौरवान्वित किया है। ऐसा उपराष्ट्रपति कार्यालय ने हैशटैगह्यूमन कैलकुलेटरके साथ अपने ट्वीट में लिखा। साथ ही भविष्य के सभी प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने भी नीलकंठ को बधाई दी। उन्होंने लिखा स्पोर्ट्स ओलिंपियाड में मेंटल कैलकुलेशन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए पहला स्वर्ण जीतने के लिये और दुनिया का सबसे तेज मानव कैलकुलेटर बनने के लिए नीलकंठ को हार्दिक बधाई।

20 वर्षीया नीलकंठ की गति से न्यायधीश हुए मंत्रमुग्ध

प्रतियोगिता जीतने के बाद नीलकंठ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने 13 देशों के 29 प्रतियोगियों को हराकर, 65 अंकों के अंतर के साथ गोल्ड मैडल जीता। उन्होंने साथ ही बताया कि सभी न्यायधीश उनकी गति को देख मंत्रमुग्ध हो गए थे और इसी कारण उन्होंने उनकी सटीकता की पुष्टि करने के लिए अधिक गणना की। फ़िलहाल 20 वर्षीया नीलकंठ दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से गणित पढ़ रहे हैं।

गणित की इस प्रतियोगिता में 30 प्रतिभागी थे शामिल

बता दें, द माइंड स्पोर्ट ओलंपियाड वर्चुअल माध्यम से हुआ था जिसमें यूके, जर्मनी, यूएई, फ्रांस, ग्रीस और लेबनान के 30 प्रतिभागियों ने भी थे। पहली बार इस तरह का गणित ओलिंपियाड 1998 में हुआ था। 

ये रिकॉर्ड भी हैं इनके नाम

इस गणितज्ञ ने गर्व के साथ कहा कि सबसे तेज मानव कैलकुलेटर बनने के लिए इन्होंने अपने नाम चार विश्व रिकॉर्ड और 50 लिम्का रिकॉर्ड किए हैं। नीलकंठ ने आगे यह भी कहा कि उनका दिमाग एक कैलकुलेटर की गति से तेज गणना करता है। गणित विशेषज्ञ जैसे की स्कॉट फ्लेन्सबर्ग और शकुंतला देवी के बनाये हुए रिकॉर्ड तोडना, उन्होंने गौरव की बात बताया।

बच्चों के दिमाग से ‘Maths Fear’ निकलना है सपना

नीलकांत भानु प्रकाश का सपना है कि वो छात्रों में से मैथ्स का डर दूर कर सकें। उनका मानना है किकिसी भी देश के लिए विश्व स्तर पर और विकसित होने के लिए साक्षरता भी  उतना ही महत्वपूर्ण है जितनी कि लिटरेसी।

अदिति शर्मा
Tags
Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button
Close
Close
%d bloggers like this: