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भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची टीम। ऐसे है ये जीत खास

भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है और पहली बार टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। क्वार्टर फाइनल में भारत ने दुनिया की नंबर 2 टीम ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है।

भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है और पहली बार टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। क्वार्टर फाइनल में भारत ने दुनिया की नंबर 2 टीम ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब सेमीफाइनल में टीम का मुकाबला 4 अगस्त को अर्जेंटीना से होगा।

रानी रामपाल की टीम ने किया कमाल

आज के मैच की स्टार रही गुरजीत कौर जिन्होंने 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम धराशाही हो गई। गोलकीपर सविता पूनिया ने अपना बेस्ट गेम खेलते हुए कुल 9 बेहतरीन गोल बचाए। आपको बता दें 1980 में पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम ने ओलिंपिक खेला था। आज के मैच में जीत के साथ भारतीय टीम ने अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करवा लिया है। रानी रामपाल की अगुवाई वाली इस भारतीय टीम ने आज जो सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया है, ऐसा किसी भी महिला हॉकी टीम ने नहीं किया जो इस जीत को बेहद खास बनाता है।

49 साल बाद सेमीफाइनल में पुरुष टीम

बात करें भारत की पुरुष हॉकी टीम की तो उन्होंने भी इस ओलिंपिक में शानदार प्रदर्शन कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। रविवार को मनप्रीत सिंह की अगुवाई में हॉकी टीम ने ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराया और जीत के साथ पुरुष टीम ने इतिहास को बदला दिया। 49 साल बाद मेन हॉकी टीम सेमीफाइनल में पहुंची है। आखरी बार म्यूनिख ओलंपिक (1972) में भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी। वहीं 1980 के मॉस्को ओलंपिक में भारत ने गोल्ड मेडल जीता था, मगर उस साल राउंड रोबिन आधार पर छह टीमो के पूल में दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल का टिकट हासिल किया था।

साल 1980 में ही भारत को ओलंपिक में आखरी पदक मिला था, जिसके बाद भारतीय टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखी गई।लेकिन अब इतने सालों बाद दोनों पुरुष और महिला हॉकी टीमों के लिए जीतने का बेहतरीन मौका है।

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