दुनिया

कौन हैं शेख मुजीब उर रहमान, जिन्हें पीएम मोदी ने मुजीब जैकेट पहनकर दी श्रद्धांजलि ?

पीएम मोदी बांग्लादेश की आजादी की स्वर्ण जयंती में हिस्सा लेने के लिए बांग्लादेश के दो दिन के दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश के महानायक मुजीब उर रहमान को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे पर दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। साथ ही पीएम मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बंगबंधु-बापू डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें पडोसी देश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीब रहमान और महात्मा गांधी की दुर्लभ फोटो दिखाई गई है। आइये जानते हैं शेख मुजीब उर रहमान के बारे में।

कौन थे शेख मुजीब उर रहमान?

बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीब उर रहमान को पडोसी देश का संस्थापक कहा जाता है। बांग्लादेश के जनक माने जाने वाले शेख मुजीब रहमान ने ही पाकिस्तान के ख़िलाफ़ आजदी की लड़ाई को शुरू किया था और देश की स्थापना का मार्ग साफ़ किया था। उनका जन्म 1920 में 17 मार्च को गोपालगंज के तुंगी पारा गांव में हुआ था। पाकिस्तान से बांग्लादेश की आजादी के बाद, पहले मुजीब राष्ट्रपति बने और फिर उन्होंने प्रधानमंत्री का पदभार संभाला।

उनके पिता का नाम शेख लुत्फुर था और मां का नाम सायरा खातुन मुजीब था। कुल छह भाई बहन में वो तीसरे नंबर के थे। दुर्भाग्यवश, बांग्लादेश की आजादी के तीन साल बाद सेना तख्तापलट के दौरान उनकी और उनके पूरे परिवार की बेहरमी से हत्या कर दी गयी।

जानिए क्यों हुई शेख मुजीब रहमान की हत्या?

बात 1971 की है, जब बांग्लादेश पाकिस्तान से आजाद हुआ तो शेख मुजीब के नेतृत्व में काफी तेजी से आगे बढ़ रहा था। शेख मुजीब और भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नजदीकी दोस्ती भी थी। उन दिनों शेख मुजीब रहमान ने राष्ट्रीयकरण पर काफी जोर दिया। क्योंकि वो राष्ट्रपति थे तो उनका सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रीय राजनीति पर था, लेकिन इसी कारण उनके खिलाफ गुस्सा धीरे – धीरे बढ़ने लगा। उनपर भाई भतीजावाद के आरोप भी लगे। और चार साल के अंदर हर तरफ से लोग उनके खिलाफ होने लगे।

15 अगस्त को 1975 को हुई हत्या

बांग्लादेश सेना भी उनके खिलाफ हो गयी थी और 15 अगस्त 1975 को सेना के कुछ जूनियर अधिकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके और उनका परिवार की जान चली गई। उनकी दो बेटियां शेख हसीना और शेख रेहाना जिन्दा इसलिए बच गयी क्योंकि वो उस दौरान जर्मनी गयी हुई थीं।

मुजीब रहमान की मौत के उपरांत बांग्लादेश में हिंसा का दौर करीब दो सालों तक चला। लंबे संघर्ष के बाद पिता की खोई हुई विरासत शेख हसीना ने वापिस लिया और 1996 में वो बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनी।

who-is-sheikh-mujib-ur-rehman-who-is-known-as-father-of-bangladesh

देश की जनता ने दी बंगबंधु की उपाधि

बांग्लादेश की आजादी उन्होंने ही संभव की और इसी वजह से देश की जनता ने शेख मुजीब को बंगबंधु की उपाधि सौंप दी थी। ऐसा कहा जाता है कि सम्मान और आदर के तौर पर उन्हें बंगबंधु के नाम से बुलाया जाता है।

Tags
Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button
Close
Close
%d bloggers like this: